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Karwa Chauth Puja Vidhi In Hindi – Puja Vidhi Shubh Muhurat 2016

Karwa Chauth Puja Vidhi In Hindi – Puja Vidhi Shubh Muhurat 2016: As we all know that, India is a land of festival, there are many festival is celebrated in India. Karva Chauth is one of them. Basically, Karva Chauth is one day festival which celebrated by Hindu women’s. All the married women’s celebrated Karva Chauth with full day fast for the good health and wealth of their husbands, according to the Hindu calendar Karva Chauth falls on the fourth day after the full moon in the month of Kartika, this time Karva Chauth is on 19th October. Here in this article, i am going to provide you Karwa Chauth Puja Vidhi In Hindi or Puja Vidhi Shubh Muhurat 2016, through these Puja Vidhi you can make beautiful your day.

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Karwa Chauth Puja Vidhi In Hindi – Puja Vidhi Shubh Muhurat 2016:

2016 में करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त : शाम 05 बजकर 43 मिनट से लेकर 06 बजकर 59 मिनट तक

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय: रात 08.51 बजे

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जैसा कि हम सभी जानते है, करवा चौथ हिन्दुओ का एक पवित्र त्यौहार है, जो सुहागिन औरतो के द्वारा मनाया जाता है,  इस दिन हिन्दू धर्म की सभी महिलाए अपने पति के स्वस्थ्य जीवन और लंबी उमर के लिए भगवान् से प्राथना करती है ।करवा चौथ का व्रत बहुत कठोर होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किये बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है । अगर हम बात करे नारद पुराण की तो नारद पुराण के अनुसार इस दिन सभी महिलाओ को भगवान गणेश की प्रतिमा बनाकर उसकी पूजा करनी चाहिए। और लाल या सफेद मिट्टी की एक वेदी बनाकर भगवान शिव- देवी पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, चंद्रमा एवं गणेशजी को स्थापित कर उनकी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।पूजा के पश्चात करवा चौथ की सम्पूर्ण व्रतकथा सुननी चाहिए तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से अपने पति को देखना चाहिए। पति के हाथों से ही पानी पीकर व्रत खोलना चाहिए। इस प्रकार व्रत को सोलह या बारह वर्षों तक करके उद्यापन कर देना चाहिए। पुराणों के अनुसार जो महिलाये इस व्रत का सम्पूर्ण पालन करती है उनका रिस्ता जन्मो जन्मो का हो जाता है। इस वर्ष करवा चौथ की पावन तिथि १९ अक्टूबर की है।करवा चौथ एक अनूठी पहचान है, एक पति एवं पत्नी के बीच प्यार के अनमोल एहसास की, ऐसी महिलाये जो इस व्रत का अनुवरण कथा अनुसार करती है वो मोक्ष की प्राप्ति करती है। करवा चौथ मनाने के पीछे एक बहुत बड़ा रहस्य है आज से बहुत समय पहले एक प्रसीद व्यापारी था जिसकी एक बेटी थी करवा, और बेटी अपने भाइयो और अपने घरवालो सबकी चहेती थी एक बार वह अपने मायके आयी हुइ थी तो उसने कार्तिक मॉस की चतुर्थी को व्रत रखा हुवा था और निर्णय लिया था की वो चाँद रात्रि में चाँद देखने के पश्चात ही अपना व्रत तोड़ेगी, वो पूरे दिन बिना खाना खाये, बिना पानी पिए दिन भर भूखे रही उस दिन रात को चाँद नहीं आया तो उसके सबसे छोटे भाई ने एक पेड़ में चढ़ कर एक चिराग जला दिया और करवा ने उसे चाँद समझ के व्रत तोड़ दिया जैसे ही उसने खाने का पहला निवाला निवाला मुह में लिया तो उसे उसके पति के मारने की खबर आ गयी जिससे करवा को बहुत दुःख हुवा और उसने दृढ़ निस्चय किया की वो अपने पति को मौत से वापिस जीवन दिलाएगी वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं होने देती है उसी शव के पास बैठी रहती है अगले साल करवा चौथ आने तक वो अपने पति के पास बैठी रहती है और वो उस दिन व्रत का नियमानुसार पालन करती है जैसे ही उसकी सभी भाभियाँ उससे आसिर्वाद लेने के लिए आती तो वो हरेक भाभी से यम सूई ले लो, पिय सूई दे दो, मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो’ ऐसा आग्रह करती है, लेकिन हर बार भाभी उसे अगली भाभी से आग्रह करने का कह चली जाती है। जब उसकी सबसे छोटी भाबी आती है तो वह उससे आग्रह करती है तो उसकी छोटी भाभी उसे देख कर पसीज जाती है और अपने अंगूठे चीर के उसके मुह में अमृत डालती है तो करवा का पति जय गणेश जय गणेश करता हुवा उठ जाता है और इस तरह करवा को उसका सुहाग वापिस मिल जाता है।

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